Thursday, 5 March 2020

कोरोना से घातक है ज़हरीली है,
ज़ान कई मासूमों की भी ले ली है,
आग के जैसे करती है बर्बादी ये,
झूठी हर अफवाह कहीं जब फैली है।।

--कृपाल😎

Tuesday, 3 March 2020

कुछ भंग चढ़ी कुछ रंग चढ़ा,
होली का यूं हुड़दंग बढ़ा,
गालों से गाल रगड़ उनके,
गालों पे प्रीत का रंग मढ़ा।

वो दंग हुईं फिर ज़ंग हुई,
सखियों की टोली संग हुई,
मधुमक्खी के हमले जैसी,
हालत मेरी बदरंग हुई।

पर याद रही वो साथ रही,
हर होली उसकी बात रही,
फिर वही पड़ोसन बचपन हो,
दिल में ऐसी एक आस रही।

फिर भंग चढ़े फिर रंग चढ़े,
होली का बस हुड़दंग बढ़े,
भाई-भाई की नफ़रत पर,
कुछ प्रेम शांति का रंग चढ़े।

भाई-भाई की नफ़रत पर,
कुछ प्रेम शांति का रंग चढ़े।

--कृपाल 😎

Monday, 10 February 2020

नाम चेहरे कुछ पुराने, याद आते हैं बहुत,
आजभी किस्से पुराने, फिर हँसाते हैं बहुत,
बढते-बढते हम जो अब एक दूसरे से दूर हैं,
प्लान मिलने का हमेशा, हम बनाते हैंं बहुत।।

चाय सिगरेट इश्क फिल्में, की पढाई भी बहुत,
मार खाई साथ भी और, की पिटाई भी बहुत,
कोचिंगों के उन दिनों मे, साथ चलकर साथ मे,
साईकिलों पे जिंदगी, हमनें चलाई भी बहुत।।

#पुरानेदोस्त
-- कृपाल

Friday, 29 November 2019

इन आंखों के सब कायल हैं,
इन आंखों से सब घायल हैं,
और भी कर देता है पागल,
इन आंखों पे जब काजल है।।

--कृपाल😎
खून की इसके सजा, होती नहीं है, इसलिए,
अपने ही होते हैं खूनी, आपके विश्वास के ।
प्यार को अब दोस्ती से दूर रखते हैं सभी,
दोनों ही छलते कभी हैं, आपके विश्वास के ।

--कृपाल

Friday, 15 November 2019

अप्सरा

रूप की उसके कहां से, लेकर उपमा आऊं मैं,
उससा कुछ देखा नहीं तो, क्या उसे बतलाऊं मैं,
वो है शायद इस जमीं पर स्वर्ग की एक अप्सरा, स्वर्गवासी उसकी खातिर शौक से हो जाऊं मैं।।

Sunday, 8 September 2019

कुछ चोर मोर भोर शोर जोर लिख रहे हैं,
तुकबंदीयां मिलाकर हर ओर लिख रहे हैं।

कुछ शब्द आगे पीछे कुछ बात उल्टी-सीधी
हल्की सी बात को भी घनघोर लिख रहे हैं,
बस चोर मोर भोर शोर जोर लिख रहे हैं,
तुकबंदीयां मिलाकर हर ओर लिख रहे हैं।

शायर कवि सा कुछ अपने नाम में लगाकर,
गालिब या नाम दिनकर कमजोर लिख रहे हैं,
बस चोर मोर भोर शोर जोर लिख रहे हैं,
तुकबंदीयां मिलाकर हर ओर लिख रहे हैं,


हो गीत ग़ज़ल कविता या शायरी हो कोई,
लय भाव के अलावा कुछ और लिख रहे हैं ।।
बस चोर मोर भोर शोर जोर लिख रहे हैं,
तुकबंदीयां मिलाकर हर ओर लिख रहे हैं,

--कृपाल😎