दौड़ रहें हैं सुबह शाम पर,
Friday, 22 July 2022
ये दुनियाँ पागल खाना है
Thursday, 7 July 2022
हम उनको काम नहीं देंगे
जो कहते हैं सर तन से जुदा
वो आज से मेरे धन से जुदा
जो राम को मान नहीं देंगे
हम उनको काम नहीं देंगे
--कृपाल🙏
Friday, 8 April 2022
मतदान जरूरी है
सहयोग जरूरी है संग्राम जरूरी है
जनता का सत्ता से संवाद जरूरी है
अपने अधिकारों के हो बोध सभी को पर
अपने दायित्वों की पहचान जरूरी है
है मात्र इकाई पर अरबों की शक्ति है
सब के हित में सबका मतदान जरूरी है
Wednesday, 10 November 2021
तुम्हारी आंखे
नज़र हटाना भी इनसे मुश्किल है इतनी प्यारी तुम्हारी आंखें
असर मिटाना भी जिसका मुश्किल है, अजब खुमारी तुम्हारी आंखें
हर एक घायल हर एक बेबस हर ओर आहों का शोर है बस
हर एक जिसका हुआ है कैदी, वो जेल प्यारी तुम्हारी आंखें
कुछ और काजल लगाकर इनको कुछ और कातिल बना दिया है
अचूक है इनका हर निशाना, गज़ब शिकारी तुम्हारी आंखें
खुदा की कुदरत या एक शरारत, बनाया इनको नशे की आदत
जहां में सुंदर है और भी पर, सभी पे भारी तुम्हारी आंखें
हर आंख महफिल में चोरी छुपकर, बस आंख इनसे मिला रही है,
हर आंख सपना यह देखती है, हो इनको प्यारी हमारी आंखें
--कृपाल😎
Sunday, 19 September 2021
बढ़ के शादी से कोई घातक बीमारी भी नहीं,
सूचना जनहित में जिसपे कोई जारी भी नहीं,
रोज उनका संग भी और रोज उनसे जंग भी,
दुश्मनी कोई नहीं और कोई यारी भी नहीं,
पहले तो अपने ही करवाते हैं सबसे जुर्म ये,
बाद मे लेता कोई कुछ जिम्मेदारी भी नहीं,
यूं तो बीवी से बचाव के कई है टोटके
पर असल मे बात कोई लाभकारी भी नहीं
जान अपनी, जान अपनी पर लुटा सकते हैं हम,
और हमारी जान को यह जानकारी भी नहीं।