Tuesday, 14 February 2023

Pulwama Ka Dard

 आज पड़ोसी कुत्ते ने फिर छुपकर हमको काटा है,

पुलवामा की सडक को उसने मेरे खून से पाटा है,

आंसू दिल मे खौल रहे हैं, आग लगी है आंखों मे,

प्रेमदिवस पर लाशों को उपहार बनाकर बांटा है।।


मरने वालों की संख्या, क्या पूरी भी हो सकती है,

दूर गिरी है घर पर जो, उन लाशों की क्या गिनती है।

आने वाली होली मे, उस घर का मंजर क्या होगा,

बाप भाई या बेटा जब, तश्वीरों मे लटका होगा,


खादी वाले गधे एक दो, आज भी खुलके रेंक रहे,

कईं चित्ताऔ की गर्मी मे, राजनीति वो सेंक रहे,

जिनको नहीं दिखाई देते, शव जो केवल टुकड़े हैं,

वो दिल के ऐसे नंगे है, खाल पे जिनके कपडें है।।


बदला चीख रही है क्रोधित आज आत्मा भारत की,

घर मे घुसकर हमलें को पहचान बना दो भारत की,

निंदा वाली तोप नहीं और न गांधी की बोली हो,

कुछ घंटों बस सेना के आजाद हाथ मे गोली हो,


मरने वाले सैनिक को, सम्मान दिला दो मोदी जी,

छप्पन वाली छाती फिर, एकबार दिखा दो मोदी जी।।


--कृपाल

Thursday, 20 October 2022

गर्ल फ्रैंड

चादर को अपनी देखकर ही पांव फैलाओ,

लालच बुरी बला है ये दिमाग मे लाओ,

जो आपके बजट मे बराबर से फिक्स हो,

कम मैन्टिनैंश वाली गर्ल फ्रैंड बनाओ।


--कृपाल

तमन्ना

 हाँ मैं यह मानता हूँ तुझसे शादी की तमन्ना थी,

ना पालो भ्रम कि तेरा हुस्न पाने की तमन्ना थी,

वो इतना प्यार देती थी मैं जब भी घर तेरे आया,

तेरी अम्मा को केवल सास कहने की तमन्ना थी।


--कृपाल

खूबसूरत

प्यार का चेहरा कभी वो, है कभी गुस्से की सूरत

मोम सी कोमल भी है और, है कभी पत्थर की मूरत

देव भी अनभिज्ञ हैं, उसकी दशाएं और कला से

खूबसूरत भी बला की, और बला भी खूबसूरत ।


--कृपाल😎

कुछ तेरा कुछ मेरा ऊपर बाकी है

महल किसी के सड़क किसी के हिस्से हैं,

किसी की नींदें किसी की चादर बाकी है,

कौन यहां पर सब कुछ लेकर आया है,

कुछ तेरा कुछ मेरा ऊपर बाकी है।


--कृपाल

पूछ खुद से यही रहा हूं मै

 पूछ खुद से यही रहा हूं मै,

जिंदगी किसकी जी रहा हूं मै,

प्यास कुछ और थी मुझे कल तक,

आज कुछ और पी रहा हूं मै ।


😎कृपाल

हर एक जिंदगी में छाले हैं

 हर एक जिंदगी में छाले हैं,

कुछ खुदाई, कुछ खुद के पाले हैं,

हंस के देखो तो है दिवाली भी, 

रोना चाहो तो बस दिवाले हैं। 


--कृपाल 😎