Wednesday, 11 December 2024

दूर कुछ पल भी रह नहीं सकते


शब्द सबकुछ तो कह नहीं सकते

खोल हर दिल की तह नहीं सकते

भावनाओं के ज्वार भाटों में

संतुलन में तो रह नहीं सकते


साथ कुछ दिन या कुछ जनम का हो

दूर कुछ पल भी रह नहीं सकते

कल जो होगा देखा जायेगा

कल की हम आज कह नहीं सकते

Tuesday, 27 February 2024

जिंदगी


जिंदगी कितनी कठिन है, जिंदगी कितनी सरल है

गौर से देखो तो मुश्किल, गौर से देखो तो हल है


हारने की जिंदगी मे जीत सी ही भूमिका है
हार हो या जीत हो बस, जिंदगी का एक पल है

रोज लड़कर रोज थकना, रोज थककर रोज लड़ना
लड़ते लड़ते जो मिला वो, जिंदगी का भागफल है

मोड़ पर एक खत्म होकर, दूसरे पर फिर शुरू हो
आज चाहे खत्म हो पर, कल नया एक और कल है

मंजिले हो एक चाहे, मंजिले चाहे अलग हो,
रास्तों मे हमसफ़र का साथ होना एक बल है

 कृपाल😎

Wednesday, 5 April 2023

ब्यूटी-पार्लर

इस नकली झूठी दुनिया में हम भी नकलीपन घोलेंगे

सोच लिया है हमने भी हम ब्यूटी पार्लर खोलेंगे


ब्लीच वैक्स थ्रेडिंग से सारी खरपतवार निकालेंगे
पैडी मैनीक्योर से सूखी पपड़ी सभी उतारेंगे
प्राइमर पुट्टी पोत पोत कर सभी दरारें भर देंगे
पेंट वार्निश चिकनाई से सब कुछ चिकना कर देंगे
सजा सजा कर ऐसा कर देंगे कोई ना जानेगा
खंडहर को भी धोखे में सब ताजमहल ही बोलेंगे
सोच लिया है हमने भी हम ब्यूटी पार्लर खोलेंगे

कृपाल 😎

Tuesday, 14 February 2023

Pulwama Ka Dard

 आज पड़ोसी कुत्ते ने फिर छुपकर हमको काटा है,

पुलवामा की सडक को उसने मेरे खून से पाटा है,

आंसू दिल मे खौल रहे हैं, आग लगी है आंखों मे,

प्रेमदिवस पर लाशों को उपहार बनाकर बांटा है।।


मरने वालों की संख्या, क्या पूरी भी हो सकती है,

दूर गिरी है घर पर जो, उन लाशों की क्या गिनती है।

आने वाली होली मे, उस घर का मंजर क्या होगा,

बाप भाई या बेटा जब, तश्वीरों मे लटका होगा,


खादी वाले गधे एक दो, आज भी खुलके रेंक रहे,

कईं चित्ताऔ की गर्मी मे, राजनीति वो सेंक रहे,

जिनको नहीं दिखाई देते, शव जो केवल टुकड़े हैं,

वो दिल के ऐसे नंगे है, खाल पे जिनके कपडें है।।


बदला चीख रही है क्रोधित आज आत्मा भारत की,

घर मे घुसकर हमलें को पहचान बना दो भारत की,

निंदा वाली तोप नहीं और न गांधी की बोली हो,

कुछ घंटों बस सेना के आजाद हाथ मे गोली हो,


मरने वाले सैनिक को, सम्मान दिला दो मोदी जी,

छप्पन वाली छाती फिर, एकबार दिखा दो मोदी जी।।


--कृपाल

Thursday, 20 October 2022

गर्ल फ्रैंड

चादर को अपनी देखकर ही पांव फैलाओ,

लालच बुरी बला है ये दिमाग मे लाओ,

जो आपके बजट मे बराबर से फिक्स हो,

कम मैन्टिनैंश वाली गर्ल फ्रैंड बनाओ।


--कृपाल

तमन्ना

 हाँ मैं यह मानता हूँ तुझसे शादी की तमन्ना थी,

ना पालो भ्रम कि तेरा हुस्न पाने की तमन्ना थी,

वो इतना प्यार देती थी मैं जब भी घर तेरे आया,

तेरी अम्मा को केवल सास कहने की तमन्ना थी।


--कृपाल

खूबसूरत

प्यार का चेहरा कभी वो, है कभी गुस्से की सूरत

मोम सी कोमल भी है और, है कभी पत्थर की मूरत

देव भी अनभिज्ञ हैं, उसकी दशाएं और कला से

खूबसूरत भी बला की, और बला भी खूबसूरत ।


--कृपाल😎