Saturday, 27 October 2018

आया चुनाव सबकी बड़ी तेज तैयारी हैं,
है रोड शो कहीं तो कहीं रैलियां भारी हैं,
सबको ही दिखानी है बड़ी भीड़ है पीछे,
चिडियों को किराए पे जमा करते शिकारी हैं।

हर कोई दूसरे को बड़ा चोर बोलता है,
पर अपनी चोरियों पे कोई मुंह न खोलता है,
कीचड़ की वाँलीवाल यहां खेलते सभी,
कीचड़ उछालने की प्रतियोगिता जारी है।

वादों की लाँलीपाँप पुरानी चटा रहे हैं,
अबकी करेंगे काम कसम फिर से खा रहे हैं,
वैसे तो  झूठ आप कभी बोलते नहीं,
वादों को भूलने की मगर खास बिमारी है।

जनता के समर्थन से ये जनता को लूटते हैं
हमको समझ के नींबू हमसे रस निचोड़ते हैं
जो हमको दिखाते हैं पांच साल बराबर,
ठेंगा वहीं इन्हीं को दिखाने की ये बारी हैं।

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